छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं की वाद-विवाद प्रतियोगिता के साथ रजत जयंती समारोह की शुरुआत की…

रायपुर:  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आज उच्च न्यायालय के सभागार में अधिवक्ताओं के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता एक अत्यंत प्रासंगिक विषय ‘‘नैतिक मूल्यों से समझौता किए बना क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) न्याय को अधिक प्रभावी बना सकती है?’’ पर आधारित थी। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और न्याय प्रणाली में एआई के उपयोग पर गहन एवं सशक्त विचार प्रस्तुत किए।

प्रतिभागियों ने कार्यकुशलता में वृद्धि और डेटा प्रबंधन में एआई की संभावनाओं पर प्रकाश डाला साथ ही इससे जुड़ी नैतिक चिंताओं पर भी विचार व्यक्त किए, जिनमें पारदर्शिता, निष्पक्षता, जवाबदेही और न्यायिक निर्णय में मानव हस्तक्षेप की अनिवार्यता शामिल रही।

मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने प्रतियोगिता के अंत में शीर्ष तीन प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। अधिवक्ता श्री प्रशून भादुडी को प्रथम पुरस्कार, अधिवक्ता श्रीमती दिक्षा गौरहा को द्वितीय पुरस्कार तथा अधिवक्ता सुश्री इशिता को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने अन्य प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उत्साह वर्धन किया।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजत जयंती वर्ष के तहत् यह वाद-विवाद प्रतियोगिता ने एक विधिक संवाद, पेशेवर विकास, और समकालीन विधिक चुनौतियों के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करने की न्यायालय की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button